Selected:

वक्री और अस्त ग्रह कार्यशाला (Hindi)

 2,550.00

वक्री और अस्त ग्रह कार्यशाला (Hindi)

 2,550.00

Category
  1. वक्री ग्रह क्या है
  2. राहु और केतु कब मार्गीय हो जाते हैं और इसके क्या परिणाम होते हैं।
  3. वक्री ग्रह (बुध, मंगल, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु) के प्रभाव क्या हैं
  4. ग्रह एक वक्री ग्रह की राशि में होने पर कैसे व्यवहार करते हैं
  5. जब किसी भाव का भावेश वक्री होता है तो उसके प्रभाव क्या होते हैं
  6. वक्री ग्रह की दशा का फल
  7. अस्त ग्रह क्या है, कब ग्रह सचमुच अस्त होते हैं
  8. क्या कभी ग्रहों का अस्त होना फायदेमंद होता है
  9. अस्त ग्रह के प्रभाव (चंद्रमा, बुध, मंगल, बृहस्पति, शुक्र, शनि)
  10. महा विपरीत राज योग (यह कैसे बनता है और इसके फल)

मुख्य बिंदु :

दिनांक – 4 अक्टूबर और 11 अक्टूबर 2020, रविवार

भाषा: हिंदी

माध्यम: ज़ूम

समय: सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक (प्रत्येक सत्र में 2 घंटे)

शुल्क – रु 2400 / $ 39

रिकॉर्ड किए गए सत्र सभी प्रतिभागियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

शिक्षक: श्री वी पी गोयल

संपर्क: www.anuradhasharda.com, +91 9111415550

Share On

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Choose Currency

Latest Update

Prashna course

PRASHNA Course in English

Subscribe our updates via Email

Contact Us


Close Menu
X


×
×

Cart